अनूप सेठी

Saturday, November 29, 2014

जूते

›
नई पीढ़ी में ऐसे भी लोग हैं जो हिंदी साहित्‍य को प्रौद्योगिकी के सहयोग से व्‍यापक पाठक वर्ग तक ले जाना चाहते हैं। इन्‍हीं में से एक युवा फ...
1 comment:
Thursday, October 30, 2014

कुत्ताघर

›
                                                           कागज पर पेंसिल : मुदित सेठी  यह कहानी 1989 में वर्तमान साहित्‍य में छपी थ...
3 comments:
Thursday, September 18, 2014

मुक्तिबोध और हम

›
                      कागज पर पेंसिल से रेखांकन : मुदित अर्ध शती पर मुक्‍तिबोध को याद करते हुए  काल-प्रस्‍तर पर प्रहार मुक्...
2 comments:
‹
›
Home
View web version

Contributors

  • Anup sethi
  • Prakash Badal
  • अनूप सेठी
  • सुमनिका
  • muditsethi
Powered by Blogger.