अनूप सेठी

Saturday, January 11, 2014

दीवारों की दरारों में पीपल

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पिछले कुछ महीनों में पूना में भारतीय फिल्‍म टेलिविजन संस्‍थान में तीन चार बार जाने का मौका मिला। कालेज यूनिवर्सिटी छोडे़ हुए करीब ती...
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Monday, November 25, 2013

गंध ने लगाई अतीत में सेंध

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रेखांकन: सुमनिका, कागज पर चारकोल डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर आ ग...
Sunday, November 24, 2013

तीर्थाटन-सह-पर्यटन-सह गृहगमन

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रेखांकन : सुमनिका, कागज पर चारकोल  डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर आ...
Saturday, November 23, 2013

भरोसा और आस्‍था

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रेखांकन : सुमनिका, कागज पर चारकोल  डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर...
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Friday, November 22, 2013

किस बिनाह पर कहूं कि कवि हूं ?

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रेखांकन : सुमनिका, कागज पर चारकोल डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर प...
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Tuesday, November 19, 2013

क्या यह यश-लिप्‍सा थी ?

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रेखांकन : सुमनिका, कागज पर चारकोल डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर ...
Sunday, November 17, 2013

डंडे के ज़ोर पर जयकारा

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रंखांकन : सुमनिका, कागज पर चारकोल डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर आ ग...
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Saturday, November 16, 2013

परिपक्‍वता, मतलब समझदारी कब आएगी ?

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रेखांकन : सुमनिका कागज पर चारकोल डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर ...
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Thursday, November 14, 2013

मध्‍यवर्गीय होने से कविता जनविरोधी नहीं हो जाती

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रेखांकन : सुमनिका, कागज पर चारकोल डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर आ...
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Saturday, November 9, 2013

नीरवता, साहित्‍य व संगीत

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रेखांकन : सुमनिका, कागज पर चारकोल डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर...
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Monday, November 4, 2013

कोरा कागज

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रेखांकन: सुमनिका, कागज पर चारकोल डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर आ गय...
Saturday, November 2, 2013

कम लिखे रह जाने का कलपना

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डायरी के ये अंश सन् 1997 से 2000 के बीच के हैं। तब तक आईडीबीआई छोड़कर यूटीआई में स्‍थाई तौर पर आ गया था। हालांकि यह स्‍थायित्‍व भी ज्‍य...
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Saturday, October 12, 2013

परंपरा का बुजका

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पिछले दिनों हमारे एक चचेरे भाई का फोन आया कि वे मुंबई पहुंच गए हैं, कई दिन के सफर के कारण बच्‍चे बडे़ सभी बीमार पड़ गए हैं और रात को ही...
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Sunday, July 14, 2013

आज की कविता : राजनीति का सन्दर्भ

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   चित्रकृति: संजय राउत समकालीन कविता पर जय प्रकाश का यह लेख  कविता की अंतर्धारा को समझने में मदद करता है, वागर्थ के अप्रैल अंक...
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