अनूप सेठी
Friday, September 14, 2012
देवनागरी लिपि का सौंदर्य और तकनीक
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हिंदी दिवस पर हिंदी की सेवा में प्रस्तुत लिपि का विकास शायद आद्य बिंबों की तरह हुआ है। अक्षर,वर्ण,व्यंजन आदि ...
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Friday, September 7, 2012
कविता का कहीं कोई मगध तो नहीं ?
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इधर हिंदी साहित्य जगत में बात-बात में बहसें क्या उठ खड़ी हो जा रही हैं, मानो पानी को उबाल कर गाढ़ा करने का खेल चल रहा हो. पत्रिकाओं...
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Saturday, August 18, 2012
कचरा मसीन
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सिद्धार्थ की गाय मेरी पिराबलम बोले तो मालूम क्या है? मैं हर टैम फील करती है कि आदमी लोक की बस्ती में रहती है तो आदमी लोक का हेल्प ...
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Friday, June 29, 2012
अबे! ओ!! कवि!!!
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तू लिक्ख कागज को घोच मत अच्छी कविता लिक्ख
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Saturday, June 16, 2012
समकालीन कविता
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चिंतनदिशा में समकालीन कविता पर विजय बहादुर सिंह और विजय कुमार की चिट्ठियां आप पढ़ चुके हैं. फिर अगले अंक में उन चिट्ठियों पर विजेंद्र और...
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Thursday, June 14, 2012
समकालीन कविता
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चिंतनदिशा में समकालीन कविता पर विजय बहादुर सिंह और विजय कुमार की चिट्ठियां आप पढ़ चुके हैं. फिर अगले अंक में उन चिट्ठियों पर व...
Monday, June 11, 2012
समकालीन कविता
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चिंतनदिशा में समकालीन कविता पर विजय बहादुर सिंह और विजय कुमार की चिट्ठियां आप पढ़ चुके हैं. फिर अगले अंक में उन चिट्ठियों पर विज...
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