अनूप सेठी
Sunday, October 25, 2009
वर्तमान के सिरे
›
कुल् लू (हिमाचल प्रदेश) से ए क पत्रिका शुरू हुई है , असिक् नी। सपांदकों को मैंने प्रतिक्रिया लिखी। इधर कथादेश में बद्...
1 comment:
Thursday, October 22, 2009
तदेउष रोज़ेविच की कविताएं
›
संक्षिप्त परिचय 1921 में जन्मे पोलिश कवि , नाटककार और उपन्यासकार तदेउष रोज़ेविच बहुमुखी प्रतिभा के विश्व के सर्वाधिक महत्वपूर्ण साहित्यक...
Tuesday, October 20, 2009
तदेउष रोज़ेविच की कविताएं
›
यहां पर विश्वप्रसिद्ध कवि तदेउष रोजेविच का परिचय दूं , उससे पहले उनकी यह कविता पढ़ ली जाए. इससे बात जरा पूरी सी हो जाएगी. कवि यहां बुरे क...
1 comment:
Friday, October 16, 2009
तदेउष रोज़ेविच की कविताएं
›
7 क्या किस्मत क्या किस्मत है, चुनूं रसभरियां जंगल में मैंने सोचा न है जंगल न रसभरियां क्या किस्मत है, जा सोऊं पेड़ की छां...
Thursday, October 15, 2009
तदेउष रोज़ेविच की कविताएं
›
6 रूपांतरण मेरा छोटा बेटा आता है कमरे में और कहता है ' तुम गि द्ध हो तो मैं चूहा ' मैं अपनी किताब फेंकता हूं परे डैन...
3 comments:
Wednesday, October 14, 2009
तदेउष रोज़ेविच की कविताएं
›
5 जिंदगी की मझधार में संसार के खात्मे के बाद अपनी मौत के बाद मैंने पाया खुद को जिंदगी की मझधार में मैंने रचा खुद को घड़ी जिंदग...
Monday, October 12, 2009
तदेउष रोज़ेविच की कविताएं
›
4 एक मुलाकात मैं उसे पहचान नहीं पाया जब मैं यहां आया हो सकता है यह भी हुआ हो इन फूलों को सजाने में इतनी देर लगी इस बेडौल गुलदान ...
1 comment:
‹
›
Home
View web version