अनूप सेठी

Saturday, October 10, 2009

तदेउष रोज़ेविच की कविताएं

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3 हमें माफ करो भूल जाओ हमें हमारी पीढ़ी को भूल जाओ इंसानों की तरह जीओ बिसर जाओ हमें हमने डाह की पेड़ों और पत्थरों से हम जले...
Friday, October 9, 2009

तदेउष रोज़ेविच की कविताएं

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2 एक आवाज वे काट पीट डालते हैं वे यातना देते हैं एक दूसरे को चुप्पियों से लफ्जों से मानो कि एक और जीवन हो जीने को ...
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Thursday, October 8, 2009

तदेउष रोज़ेविच की कविताएं

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1. बचा हुआ मैं चौबीस का हूं कसाईखाने में ले जाया गया मैं बच गया ये खोखले समानार्थी शब्द हैं इंसान और जानवर प्यार और नफरत दोस्त और दुश्मन ...
Tuesday, September 8, 2009

कविवर

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मैं पहली पंक्ति लि‍खता हूं और डर जाता हूं राजा के सिपाहियों से पंक्ति को काट देता हूं मैं दूसरी पंक्ति लिखता हूं और डर जाता हूं गुरिल्‍...
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Tuesday, August 25, 2009

कमीने से उठते सवाल

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जो सवाल सच का सामना धारावाहिक के बारे में उठ रहे थे, वे कमीने फिल्म के संदर्भ में और तीखे होकर चुभ रहे हैं। फिल्म में हिंसा का खेल है। जमकर।...
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Friday, August 7, 2009

क्‍यों करें हम सच का सामना

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इधर सच का सामना हुआ और उधर नैतिक पुलिस के कान खड़े हो गए। टेलिविजन को हर वक्त कुछ न कुछ नया करने की जरूरत बनी रहती है। कथा कहानी से अगला...
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Tuesday, July 21, 2009

कविता

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कवि को देशनिकाला है कुदरत ने बनाए मिट्टी पानी पेड़ और पहाड़ इंसान ने कथनी करनी का फैलाया जंजाल कवि ने गाया कुदरत औ ' इंसान का गान...
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Friday, July 17, 2009

उदय प्रकाश के लिए

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कवि की दुनिया दुनिया में कवि से ज्यादा उजड्ड कोई नहीं कवि से ज्यादा सभ्य कोई नहीं तमाम दुनिया पानी भरती है कवि के आगे इशारों पर नच...
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Friday, June 26, 2009

ईवेंट

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चौबीीस जून को जगदंबा प्रसाद दीक्षित 75 वर्ष के हो गए. कुछ संस्‍थाओं ने उनका अमृत महोत्‍सव मनाया. बीस जून को जलेस ने हबीब तनवीर की स्‍म...
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Tuesday, April 28, 2009

संपादकीय

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हिमाचल मित्र के ग्रीष्‍म अंक  का आवरण और व‍िषय-वस्‍तु आप देख चुके हैं.  अब प्रस्‍तुत है संपादकीय पिछले साल नवबंर महीने की छब...
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Tuesday, April 21, 2009

हिमाचल मित्र का ग्रीष्‍म अंक

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हिमाचल मित्र का ग्रीष्‍म अंक छप गया है। आप एक नजर इसमें शामिल सामग्री पर डालिए। अगर उपयोगी लगे तो बताने की कृपा करें, संभव हुआ तो अंक आपकी ...
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Monday, April 20, 2009

पगड़ीपाला

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Wednesday, March 18, 2009

बाल वाला और बिना बाल वाला

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Wednesday, February 25, 2009

दो कविताएं

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अब दो कविताएं पढि़ए. ये भी उसी माहौल से निकली हैं, जहां से पिछला लेख निकला था। राकेश जी को लगा, लुधियाना शहर का ये चित्र कल्‍पना से लिखा है...
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Wednesday, February 11, 2009

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यह चित्र हमारे प्रिय और प्रसिद्ध सौंदर्यबोधशास्‍त्री विद्वान रमेश कुंतल मेघ की पुस्‍तक साक्षी है सौंदर्य प्राश्निक का मुख पृष्‍ठ है। पुरुष...
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